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मौसम में बदलाव से बढ़े सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज, ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 800 से 1000 लोग

मौसम में बदलाव और ठंड बढ़ने से सर्दी-जुकाम, बुखार व वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 800 से 1000 मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके चतुर्वेदी ने नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को ठंड से बचाने, गर्म कपड़े पहनाने और लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।

By: hindidesk  RNI News Network
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मौसम में बदलाव से बढ़े सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज, ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 800 से 1000 लोग

मुगलसराय । मौसम में उतार-चढ़ाव और ठंड बढ़ने के साथ सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 800 से 1000 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम को देखते हुए चिकित्सकों ने विशेष रूप से नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों की देखभाल को लेकर अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राजकीय महिला चिकित्सालय, महोबा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके चतुर्वेदी के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल फीवर की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके अलावा त्वचा संबंधी समस्याओं से परेशान लोग भी अस्पताल में उपचार कराने पहुंच रहे हैं।

नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों का रखें विशेष ख्याल

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके चतुर्वेदी ने कहा कि मौसम बदलने के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचाना चाहिए। तापमान के अनुसार उन्हें पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाने चाहिए, ताकि शरीर का तापमान सामान्य बना रहे। सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ने पर बच्चों को अनावश्यक रूप से बाहर ले जाने से बचने की सलाह भी दी गई है। बाहर जाते समय उनके सिर, कान और शरीर को मौसम के अनुकूल कपड़ों से ढककर रखना चाहिए।

साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण पर दें ध्यान

बदलते मौसम में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए घर में साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है। अभिभावकों को बच्चों के आसपास स्वच्छ वातावरण रखने के साथ उनकी सेहत में होने वाले बदलावों पर भी नजर रखनी चाहिए। यदि बच्चे को सर्दी-जुकाम, बुखार या किसी अन्य तरह की परेशानी होती है, तो उसे हल्के में न लें। समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेकर उचित उपचार कराएं। डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं देने से बचना चाहिए।

लक्षण दिखने पर समय पर कराएं उपचार

चिकित्सकों के मुताबिक, मौसम में बदलाव के दौरान स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए बच्चों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। बुखार या अन्य लक्षण बने रहने पर चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है। मौसम में लगातार बदलाव के बीच सावधानी, स्वच्छता और समय पर उपचार से मौसमी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। खासकर नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों की देखभाल में अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

रिपोर्ट – अशोक कुमार जायसवाल

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