अमेठी। जिले में दशहरे के अवसर पर देर रात तक देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी रहा। भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र के थौरी आमघाट स्थित गोमती नदी के तट पर अयोध्या, सुल्तानपुर और अमेठी की कुल 174 देवी प्रतिमाओं का सुरक्षित तरीके से विसर्जन कराया गया। इस दौरान घाटों पर पुलिसकर्मियों और गोताखोरों की टीमें लगातार मुस्तैद रहीं, ताकि विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
गोमती नदी के थौरी आमघाट पर हुआ प्रतिमा विसर्जन
दशहरे के दिन विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु देवी प्रतिमाओं को लेकर गोमती नदी के थौरी आमघाट पहुंचे। यहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। अमेठी के साथ अयोध्या और सुल्तानपुर से लाई गई प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में प्रशासन की निगरानी बनी रही।
विसर्जन से पहले पुलिस ने किया घाटों का निरीक्षण
विसर्जन कार्यक्रम को सुरक्षित बनाने के लिए भाले सुल्तान पुलिस ने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। पुलिस टीम ने घाटों का निरीक्षण कर विसर्जन मार्गों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की रूपरेखा तैयार की थी। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ गोताखोरों की तैनाती की गई, जिससे नदी में प्रतिमा विसर्जन के समय किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
नवरात्रि के बाद भी कई दिनों तक चलता है दुर्गा पूजा महोत्सव
अमेठी जिले में शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद भी कई स्थानों पर दुर्गा पूजा महोत्सव की परंपरा जारी रहती है। यहां नवरात्रि के बाद अगले पांच दिनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इसी परंपरा के तहत विभिन्न स्थानों पर स्थापित देवी प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार कराया जाता है।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ विसर्जन
गोमती नदी के तट पर आयोजित विसर्जन कार्यक्रम के दौरान पुलिस और गोताखोरों की सतर्कता से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। अयोध्या, सुल्तानपुर और अमेठी की 174 देवी प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न होने के साथ ही घाट पर प्रशासनिक निगरानी में धार्मिक कार्यक्रम आगे बढ़ा।