पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय), चंदौली। नियामताबाद विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय सरैंय-प्रथम में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, समानता और भविष्य के सपनों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और बालिकाओं को समान अवसर देने का आह्वान किया गया।
बालिकाओं की शिक्षा और अधिकारों पर दिया जोर
कार्यक्रम में शिक्षकों ने छात्राओं को बताया कि प्रत्येक बालिका को शिक्षा प्राप्त करने, अपनी प्रतिभा निखारने और जीवन में आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। बालिकाओं को अपने विचार खुलकर रखने और भविष्य से जुड़े फैसलों के प्रति जागरूक रहने के लिए भी प्रेरित किया गया। शिक्षकों ने कहा कि बालिकाओं के सपनों को साकार करने में परिवार और समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें प्रोत्साहन, सम्मान और उचित अवसर उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत की जा सकती है। शिक्षकों ने कहा कि बालिकाओं के सपनों को साकार करने में परिवार और समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें प्रोत्साहन, सम्मान और उचित अवसर उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत की जा सकती है।
बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता
कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए बताया गया कि यह कुप्रथा बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित करती है। समाज से इस तरह की कुरीतियों को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। विद्यालय में आयोजित गतिविधियों के जरिए बच्चों को समानता, अधिकारों और नेतृत्व क्षमता के महत्व से परिचित कराया गया। अभिभावकों को भी बालिकाओं की शिक्षा जारी रखने और उनकी आकांक्षाओं का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया गया।
अभिभावकों की भागीदारी को बताया महत्वपूर्ण
सहायक अध्यापिका नीलम तिवारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य बालिकाओं के महत्व को समझाना और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसी उद्देश्य से अभिभावकों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया, ताकि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए परिवार और विद्यालय मिलकर प्रयास कर सकें। उन्होंने बालिकाओं को समाज में उचित स्थान, सम्मान और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
शिक्षिकाओं की रही सहभागिता
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापिका नीतू सिंह के साथ शिक्षिकाएं नीलम तिवारी, सुमन कुमारी, रश्मि और रीमा कुमारी उपस्थित रहीं। शिक्षकों की सहभागिता से आयोजित इस पहल के माध्यम से बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा और सामाजिक समानता का संदेश दिया गया।
रिपोर्ट – अशोक कुमार जायसवाल