उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ स्थित शिब्ली नेशनल पीजी कॉलेज में परीक्षा फॉर्म भरने में आ रही समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। बुधवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थी कॉलेज परिसर में एकत्र हुए और धरने पर बैठकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे।
समर्थ पोर्टल की तकनीकी समस्या से परेशान विद्यार्थी
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि समर्थ पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों के कारण परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया बाधित हो रही है। एमए तृतीय सेमेस्टर सहित कई कक्षाओं के छात्र आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा बैक पेपर वाले विद्यार्थियों के लिए भी फॉर्म भरने का विकल्प उपलब्ध नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है। छात्रों ने आरोप लगाया कि बार-बार प्रयास करने के बावजूद पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है। इससे परीक्षा में शामिल होने को लेकर उनके सामने अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।
परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी का भी लगाया आरोप
धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि परीक्षा में शामिल होने के बावजूद कुछ छात्रों को परिणाम में अनुपस्थित दर्शा दिया जाता है। ऐसी गलतियों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनका शैक्षणिक भविष्य भी संकट में पड़ सकता है। प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने फीस जमा करने के बाद भी परीक्षा फॉर्म न भर पाने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि उनसे करीब छह हजार रुपये फीस ली गई है, लेकिन अब परीक्षा में शामिल होने को लेकर ही परेशानी पैदा हो रही है। विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन से इस मामले में जल्द जवाब और समाधान की मांग की।
मौके पर पहुंची पुलिस, मांगों पर अड़े रहे छात्र
कॉलेज परिसर में प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे। विद्यार्थियों की प्रमुख मांग है कि परीक्षा फॉर्म भरने में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाए और बैक पेपर के अभ्यर्थियों के लिए भी आवेदन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्राचार्य ने बताई समस्या की वजह, कुलपति से चल रही बातचीत
इस मामले में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. असफर अली ने बताया कि मुख्य समस्या प्रथम वर्ष में बैक पेपर वाले विद्यार्थियों से संबंधित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुसार अगले वर्ष अथवा तृतीय वर्ष में प्रवेश के लिए प्रथम वर्ष के सभी विषयों में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। प्राचार्य के मुताबिक, ऐसे लगभग 60 विद्यार्थियों के मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कुलपति से भी बातचीत की जा रही है। विद्यार्थियों की मार्कशीट के आधार पर प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
छात्रों के भविष्य पर टिकी निगाहें
फिलहाल शिब्ली कॉलेज में परीक्षा फॉर्म को लेकर पैदा हुआ विवाद विद्यार्थियों और कॉलेज प्रशासन के बीच चिंता का विषय बना हुआ है। एक तरफ छात्र परीक्षा में शामिल होने का अवसर मांग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कॉलेज प्रशासन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नियमों और विश्वविद्यालय स्तर पर समाधान तलाशने की बात कह रहा है। अब देखना होगा कि कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय के अधिकारी मिलकर इस समस्या का समाधान कितनी जल्दी निकाल पाते हैं। विद्यार्थियों की मांग है कि उनकी शैक्षणिक समस्याओं का समय रहते निस्तारण किया जाए, ताकि परीक्षा और आगे की पढ़ाई प्रभावित न हो।
रिपोर्टर: सिद्धेश्वर शर्मा