एटा। किसान यूनियन टिकैत की मासिक बैठक में जिले के किसानों से जुड़ी स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के जिला अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह के नेतृत्व में किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा और संबंधित विभागों से जल्द समाधान की मांग की।
बिजली कटौती का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा
बैठक के दौरान किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की समस्या को लेकर अपनी नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर कृषि कार्यों पर पड़ रहा है।
किसान यूनियन ने बिजली आपूर्ति को बेहतर करने और खेती से जुड़े कार्यों के लिए किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग प्रशासन के सामने रखी।
खाद की उपलब्धता और कथित कालाबाजारी पर सवाल
किसानों ने डीएपी और यूरिया खाद की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। संगठन की ओर से खाद की कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने और किसानों को निर्धारित व्यवस्था के तहत पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई। किसानों ने संबंधित अधिकारियों से खाद की बिक्री और वितरण व्यवस्था की निगरानी बढ़ाने की भी मांग रखी, ताकि जरूरत के समय किसानों को परेशानी न हो।
स्थानीय समस्याओं के जल्द समाधान की मांग
किसान यूनियन टिकैत ने कहा कि गांव और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी कई समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान जरूरी है। संगठन ने प्रशासन से संबंधित विभागों को निर्देश देकर किसानों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया और उनके निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
किसान यूनियन टिकैत ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया और समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार करेगा। मासिक बैठक में किसानों ने एकजुट होकर स्थानीय मुद्दों को प्रशासन के समक्ष उठाने और उनके समाधान के लिए संगठनात्मक स्तर पर प्रयास जारी रखने की बात कही।