पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय)। नियामताबाद ब्लॉक की ग्राम सभा लौंदा की नई बस्ती में भारी जलभराव के कारण ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। पानी भरने से जहां लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है, वहीं कई कच्चे मकानों के गिरने की सूचना है। बिजली के पोल और तार प्रभावित होने से भी ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
50 बीघा धान की फसल पानी में डूबी
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राणा सिंह ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतमाला परियोजना के तहत बनाई जा रही सड़क के कारण पानी की निकासी बाधित हुई है। उनके मुताबिक, सड़क के नीचे बनाए गए कन्वर्ट सही स्थानों पर नहीं होने के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ। इसके चलते ख्यालगढ़, नईकोट, लौंदा और नई बस्ती की करीब 50 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है।
कच्चे मकानों पर मंडराया खतरा
लगातार जलभराव से क्षेत्र में कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने और गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। ग्रामीणों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या भी खड़ी हो गई है। वहीं रास्तों पर पानी भरने से बच्चों की स्कूल आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीण चिंतित
जलभराव के बीच बिजली के पोल और तारों के प्रभावित होने से करंट लगने जैसी दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। राणा सिंह ने बिजली विभाग से प्रभावित विद्युत पोल और तारों की तत्काल जांच कराने की मांग की है, ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके।
अधिकारियों से मौके पर पहुंचने की मांग
राणा सिंह ने भारतमाला परियोजना से जुड़े अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर जलभराव की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने और जल निकासी की समस्या दूर करने की मांग की है। उन्होंने जिला प्रशासन से एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो को मौके पर भेजकर समस्या का स्थायी समाधान कराने की अपील की।
प्रभावित परिवारों को राहत की मांग
ग्रामीणों की परेशानियों को देखते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री और जरूरी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। साथ ही जल निकासी की उचित व्यवस्था कर फसलों, मकानों और ग्रामीणों को हो रहे नुकसान को कम करने पर जोर दिया गया है। प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारियों से ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई कर जलभराव से राहत दिलाने की उम्मीद जताई है।
रिपोर्ट – अशोक कुमार जायसवाल