सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस ने अवैध खनिज परिवहन के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 तैयार कर गिट्टी का अवैध परिवहन कराने वाले गिरोह का खुलासा किया है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और खनन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार वाहन चालक ने खुलासा किया कि गिरोह पुराने इस्तेमाल किए गए ई-फॉर्म C/MM-11 में वाहन संख्या, तिथि, समय और अन्य विवरण बदलकर फर्जी परमिट तैयार करता था। इन दस्तावेजों का उपयोग कर गिट्टी का अवैध परिवहन कराया जाता था।
जांच के आधार पर पुलिस ने बिल्ली मारकुंडी स्थित AK इंटरप्राइजेज के कार्यालय पर छापेमारी की, जहां से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से एक डेल कंपनी का लैपटॉप, एचपी लेजर प्रिंटर, 748 अप्रयुक्त सिक्योरिटी पेपर, करीब 1,000 प्रयुक्त ई-फॉर्म C/MM-11 तथा फर्जी परमिट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि AK इंटरप्राइजेज का लाइसेंस समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद उसके नाम पर जारी सिक्योरिटी पेपर और पुराने परमिटों का कथित रूप से दुरुपयोग कर फर्जी ई-फॉर्म तैयार किए जा रहे थे। इन्हीं दस्तावेजों के जरिए अवैध खनिज परिवहन का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, फरार चल रहे तीन अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।