उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सेलाकुई और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों का आंदोलन रविवार को अचानक उग्र हो गया, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। शुरुआत में यह आंदोलन वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान और कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ था, लेकिन बाद में स्थिति हिंसक हो गई।
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में वेतन बढ़ोतरी, ओवरटाइम का सही भुगतान, महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा, बेहतर कैंटीन व्यवस्था, अतिरिक्त अवकाश और फैक्ट्रियों में सुरक्षा कैमरों की व्यवस्था शामिल थी। विंडलास बायोटेक, ग्लोबल मेडिकिट सहित कई कंपनियों के कर्मचारी लंबे समय से इन मांगों को लेकर असंतोष जता रहे थे।
मामला 16 मई की शाम उस समय बिगड़ गया जब बड़ी संख्या में मजदूरों ने प्रदर्शन शुरू किया। शुरुआती दौर में नारेबाजी और शांतिपूर्ण धरना हुआ, लेकिन धीरे-धीरे भीड़ बढ़ने लगी और सड़क जाम की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्व भी भीड़ में शामिल हो गए और स्थिति को भड़काते हुए फैक्ट्रियों और पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया।
पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया और अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 600 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सेलाकुई और सिडकुल क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी है, जिससे क्षेत्र में सभा और आंदोलन पर नियंत्रण लगाया गया है। प्रशासन ने श्रमिक संगठनों और कंपनी प्रबंधन के बीच वार्ता भी कराई है, जिसमें कुछ मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है।