उत्तराखंड में लंबे समय से चल रहा कैबिनेट विस्तार का इंतजार अब जल्द खत्म होने की संभावना है। राज्य में वर्तमान में पांच मंत्री पद खाली हैं, जिनमें से चार पद काफी समय से रिक्त हैं, जबकि एक पद पूर्व संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बीच हाल ही में इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। महेंद्र भट्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री 17 अक्टूबर को दिल्ली जा रहे हैं, जहां वे शीर्ष नेतृत्व से कैबिनेट विस्तार पर अंतिम मंजूरी लेंगे।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य कैबिनेट को मजबूत करना है, लेकिन अब तक निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव, उपचुनाव और आपदा जैसी परिस्थितियों के कारण यह निर्णय टलता रहा। अब शीर्ष नेतृत्व की सहमति मिलने के बाद जल्द ही पांच नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि कैबिनेट विस्तार से न केवल संगठनात्मक संतुलन बनेगा, बल्कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व भी मजबूत होगा। भाजपा विधायकों में भी इस फैसले को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।