कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर प्रभाग के पाखरो क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण मामले में एक बार फिर गंभीर कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी एच.के. सिंह के खिलाफ दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग के तत्कालीन डीएफओ अखिलेश तिवारी के खिलाफ अभियोजन चलाने की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
यह मामला राजाजी टाइगर रिजर्व में वन आरक्षी (सामयिक मजदूरों से भर्ती) परीक्षा-2013 में हुई अनियमितताओं और पाखरो क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण से जुड़ा है। इस पूरे प्रकरण में वन विभाग के अधिकारियों की भूमिका और कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठे थे।
सीएम धामी के निर्देश के बाद प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) रंजन कुमार मिश्रा को जांच अधिकारी और डीएफओ वैभव कुमार को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नामित किया गया है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में नाम सामने आने पर अखिलेश तिवारी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी गई है।
जुलाई 2025 में ईडी देहरादून ने विशेष न्यायालय (पीएमएलए) में तत्कालीन प्रभागीय वनाधिकारी किशन चंद, रेंजर बृज बिहारी शर्मा, डीएफओ अखिलेश तिवारी और रेंजर मथुरा सिंह मावड़ी के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की थी। सीबीआई भी पहले इस मामले की जांच कर चुकी है।