देहरादून/ पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के प्रतिष्ठित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार (पौड़ी गढ़वाल) को नया कुलपति मिल गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली में विशेष कार्याधिकारी के पद पर कार्यरत डॉ. भगवती प्रसाद भट्ट को विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।
इस संबंध में राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार, प्रांतीय कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के तहत गठित अन्वेषण समिति द्वारा प्रस्तुत पैनल से चयन के बाद डॉ. भट्ट की नियुक्ति की गई है।
डॉ. भगवती प्रसाद भट्ट वर्तमान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली में विशेष कार्याधिकारी (Officer on Special Duty) के रूप में कार्यरत हैं। कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए चुना गया है।
राजभवन द्वारा जारी आदेश के अनुसार डॉ. भट्ट का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा अगले आदेश जारी होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा। उनकी नियुक्ति के साथ ही 15 दिसंबर 2025 को कुलपति पद के कार्यदायित्वों के संचालन हेतु जारी अंतरिम व्यवस्था संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों, शोधकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने डॉ. भट्ट की नियुक्ति का स्वागत किया है। शिक्षाविदों का मानना है कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से विश्वविद्यालय को शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कृषि-वानिकी क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी।
वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय राज्य का एक प्रमुख कृषि एवं वानिकी शिक्षण संस्थान है, जो पर्वतीय कृषि, बागवानी और वन अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में डॉ. भट्ट की नियुक्ति को विश्वविद्यालय के विकास और शैक्षणिक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि उनके नेतृत्व में संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करेगा तथा छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं अनुसंधान अवसर उपलब्ध होंगे।