उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कथित सामूहिक धर्म परिवर्तन का मामला सामने आने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। बजरंगदल की सूचना पर मंसूरपुर थाना पुलिस ने क्षेत्र के जड़ौदा गांव में जब मौके पर जाकर छापेमारी की तो वहां का नज़ारा देखने लायक था। करीब 200 गरीब लोगों को पैसों, इलाज और अन्य प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। मौके पर पुलिस और हिंदू बजरंगदल के कार्यकर्ताओं को देखकर वहां जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने मौके से इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया और मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला मंसूरपुर थाना क्षेत्र के जड़ौदा गांव का है। पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि गांव में टेंट लगाकर बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र किया गया है और कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध जताया, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और सात पुरुषों व पांच महिलाओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। मौके से तीन बाइबल और कुछ पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं।
बजरंग दल के जिला संयोजक रवि चौधरी की तहरीर पर पुलिस ने राशिद समेत 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लोगों को पैसे, बीमारी के इलाज और अन्य लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। प्रथम दृष्टया गरीब लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की बात सामने आई है। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।