उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता Bhuvan Chandra Khanduri का आज निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे बीसी खंडूड़ी के निधन की खबर से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। राज्य सरकार ने उनके सम्मान में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। वहीं उनका अंतिम संस्कार 20 मई को पूरे राजकीय और पुलिस सम्मान के साथ किया जाएगा।
मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूड़ी उत्तराखंड की राजनीति और भारतीय सेना दोनों में अपनी ईमानदार छवि और अनुशासित कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। उन्होंने उत्तराखंड में दो बार मुख्यमंत्री पद संभाला और अपने कार्यकाल के दौरान सुशासन तथा पारदर्शिता को प्राथमिकता दी।
उनकी बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष Ritu Khanduri Bhushan ने पिता के निधन पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि आज उन्होंने केवल अपने पिता ही नहीं, बल्कि जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत को खो दिया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उन्हें ईमानदारी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का वास्तविक अर्थ सिखाया।
बीसी खंडूड़ी का जन्म 1 अक्टूबर 1934 को हुआ था। वर्ष 1954 में उन्होंने भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स में कमीशन प्राप्त किया और देश सेवा का संकल्प लिया। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेना में लगभग 36 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने नेतृत्व, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की।
उनकी सेवाओं के सम्मान में उन्हें 26 जनवरी 1982 को अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया गया था। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और जनसेवा को अपना लक्ष्य बनाया। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद बीसी खंडूड़ी राज्य की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उनकी पहचान एक साफ-सुथरी छवि वाले नेता के रूप में रही, जिन्होंने सड़क, आधारभूत संरचना और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया।
उनके निधन पर राजनीतिक, सामाजिक और सैन्य जगत से जुड़े कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है। राज्यभर में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच गहरा दुख देखा जा रहा है।