मैनपुरी। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भोगांव में एक शोक सभा में शामिल होने के दौरान भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा प्रकरण, अयोध्या विकास कार्यों, कॉरिडोर परियोजनाओं, मतदाता सूची में नाम कटने और पश्चिम बंगाल की घटनाओं को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
राम मंदिर से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए डिंपल यादव ने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या चोरी की शिकायत सामने आई है तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले चंदे और धनराशि के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब संबंधित संस्थाओं और सरकार को देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी परियोजनाओं की जांच होनी चाहिए जिनके तहत धार्मिक स्थलों के आसपास कॉरिडोर, सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्य किए गए हैं। डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर भूमि अधिग्रहण और खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं।
सपा सांसद ने दावा किया कि कुछ मामलों में गरीब और स्थानीय लोगों की जमीनें कम कीमत पर खरीदी गईं, जबकि बाद में वही भूमि अधिक कीमतों पर सरकारी परियोजनाओं में शामिल की गई। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए, न कि केवल चुनिंदा लोगों तक।
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर सामने आए विवादों का उल्लेख करते हुए डिंपल यादव ने कहा कि विभिन्न राज्यों में वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने की शिकायतें लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन प्रक्रियाओं और तकनीकी माध्यमों के जरिए मतदाता सूचियों में बदलाव किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची बेहद आवश्यक है। यदि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाते हैं तो इससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
डिंपल यादव ने पश्चिम बंगाल में हाल के घटनाक्रमों और हिंसा की घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को ऐसे मामलों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सपा सांसद ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।