उत्तराखंड की चार धाम यात्रा यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ हर साल होती है. यह यात्रा आमतौर पर अप्रैल-मई से शुरू होकर अक्टूबर-नवंबर तक चलती है. सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण मंदिर बंद हो जाते हैं और पूजा के लिए मूर्तियां निचले स्थानों पर स्थानांतरित कर दी जाती हैं. बता दें कि, यह यात्रा यमुनोत्री से शुरू होकर पूर्व की ओर जाती है. यह यात्रा हर साल होती है और कई लोग इस यात्रा में जाते है. इस बार पुलिस और प्रशासन ने सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा मार्ग पर हर स्थिति पर नजर रखी जा सके.
बता दें कि, यात्रों कि सुरक्षा के लिए इस बार प्रशासन ने पूरे यात्रा मार्ग पर 1200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी संख्या बढ़कर करीब 1250 तक पहुंच जाएगी. इनमें से 92 कैमरे सीधे धाम परिसरों में लगाए जाएंगे, जबकि बाकी कैमरे यात्रा मार्ग के विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर स्थापित किए गए हैं. इन कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी. कैमरे ही नही, बल्कि आसमान से निगरानी के लिए भी 15 ड्रोन तैनात किए जाएंगे. इन ड्रोन को अलग-अलग जिलों में बांटा गया है हरिद्वार में चार, टिहरी में दो, उत्तरकाशी में तीन और चमोली जिले में दो ड्रोन लगातार निगरानी करेंगे.