भुजियाघाट में आयोजित सम्मेलन के दौरान शांत स्वभाव के लिए जाने जाने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नाराज़गी भरा रूप देखने को मिला। कार्यक्रम के उद्घाटन संबोधन से पहले उन्हें एक पर्चा दिया गया, जिसमें भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट का नाम गलत तरीके से प्रदीप बिष्ट लिखा हुआ था। इसी पर्चे के आधार पर नामों का संबोधन करते हुए सीएम भी यह गलती बोल गए।
कागज़ हवा में उछालकर जताई नाराज़गी
जैसे ही मुख्यमंत्री को गलती का एहसास हुआ, उन्होंने मंच से ही पर्चा हवा में उछालते हुए कहा “ऐसे पर्चे का क्या फायदा, जिसमें नाम ही गलत लिखा हो।” इस घटना ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया।
पर्चा कई हाथों से होकर पहुंचा सीएम तक
कार्यक्रम से पहले विशिष्ट अतिथियों के नाम एक कागज़ पर लिखकर विधायक राम सिंह कैड़ा भगत को दिया गया था। बाद में यही पर्चा सांसद अजय भट्ट के पास पहुंचा और अंत में मुख्यमंत्री के मंच पर आ गया। दोनों नेताओं ने भी इसी पर्चे से नामों की घोषणा की थी।
लोगों में बना चर्चा का विषय
सीएम द्वारा पर्चा हवा में उछालने की घटना के बाद आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने इस गलती के कई तरह के मायने निकालने शुरू कर दिए। यह भी चर्चा रही कि इतनी महत्वपूर्ण बैठक में गलत नाम वाला पर्चा आखिर किसने तैयार किया।
बिना पर्चे के पूरा किया संबोधन
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने बिना किसी कागज़ की सहायता के कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों को संबोधित किया और समारोह का उद्घाटन पूरा किया।