उत्तराखंड : देहरादून के थानो क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद को सील किए जाने के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन के नेतृत्व में समुदाय के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग जिलाधिकारी कार्यालय की ओर कूच करने के लिए एकत्र हुए। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया।
मुस्लिम सेवा संगठन का आरोप है कि संबंधित मस्जिद के सभी आवश्यक दस्तावेज और कागजात उपलब्ध होने के बावजूद प्रशासन ने उसे सील कर दिया। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई एकतरफा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मस्जिद को पुनः खोलने और मामले की पारदर्शी जांच कराने की मांग की।
गौरतलब है कि थानो क्षेत्र के ग्राम कण्डोगल, कुडियाल गांव स्थित जामा मस्जिद और मदरसे के एक हिस्से को हाल ही में मस्जिद पक्ष के विरोध के बीच पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा सील किया गया था। इससे पहले मस्जिद के प्रथम तल को दिसंबर में सील किया गया था, जबकि हाल ही में भूतल पर भी कार्रवाई की गई।
दूसरी ओर, काली सेना, बजरंग दल और कुछ स्थानीय संगठनों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया है। कार्रवाई के बाद थानो चौक पर हवन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इन संगठनों का आरोप है कि मस्जिद उत्तराखंड वक्फ बोर्ड और मदरसा बोर्ड में पंजीकृत नहीं थी तथा इस संबंध में संबंधित विभागों द्वारा जांच भी की गई थी।
स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर प्रशासन और एमडीडीए द्वारा मामले की जांच की गई थी। काली सेना और बजरंग दल से जुड़े लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे। संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने मस्जिद के ध्वस्तीकरण की भी मांग उठाई है।
फिलहाल मामले को लेकर दोनों पक्षों में अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।