मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय, जाखधार में आयोजित दो दिवसीय सीमांत जनपद बाल विज्ञान महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने स्वागत संबोधन देते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी उपस्थिति से बाल वैज्ञानिकों को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिली है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह भव्य आयोजन सीमांत जनपदों के बाल वैज्ञानिकों के लिए नए अवसर और दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने यूकोस्ट रुद्रप्रयाग डैशबोर्ड पुस्तक का विमोचन भी किया। यह एक जीआईएस आधारित रिमोट सिस्टम डैशबोर्ड है, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं से जुड़ी सभी सूचनाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
बाल वैज्ञानिकों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत जिलों में नवाचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, सीमांत क्षेत्र के उद्यमी इंद्र सिंह रावत और सीमांत सेवा फाउंडेशन के डॉ. पाटनी को सम्मानित किया गया।
महोत्सव में कुल छह जनपदों के 238 बाल वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं, जिनमें 90 छात्र और 148 छात्राएँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उनका विज़न है कि “नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि विज्ञान और तकनीक के बल पर भारत आज अंतरिक्ष सहित कई क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। देहरादून जल्द देश की पाँचवीं साइंस सिटी बनने जा रही है, जो उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ई-गवर्नेंस के माध्यम से सेवाओं को सरल और पारदर्शी बना रही है, जिससे जनता को प्रभावी और सुलभ सेवाएँ मिल रही हैं।