मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर घंटाघर स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “एकता पदयात्रा” का शुभारंभ किया और स्वयं इसमें शामिल होकर लोगों को राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने सभी को स्वदेशी अपनाने और नशा मुक्त उत्तराखंड बनाने की शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के अदम्य साहस, दूरदर्शिता और राष्ट्र समर्पण की भावना के कारण ही आज भारत एक शक्तिशाली और एकीकृत राष्ट्र के रूप में खड़ा है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का सम्पूर्ण जीवन देश की एकता और अखंडता को समर्पित था। उन्होंने 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से सरदार पटेल की जयंती को “राष्ट्रीय एकता दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लेकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है। राज्यभर में 16 नवंबर तक वॉकथॉन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक आयोजन स्थल पर 8 से 10 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ नशा मुक्त भारत, एक पेड़ मां के नाम, और आत्मनिर्भर भारत जैसे जन-जागरूकता अभियानों को जोड़ा गया है, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचेगा।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह वॉकथॉन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता की भावना को सशक्त करने का माध्यम है। इससे युवाओं में राष्ट्र निर्माण, अनुशासन और सेवा की भावना प्रबल होगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करते हुए “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की परिकल्पना को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।