उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में भव्य पूर्व सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है, जहाँ लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य भारतीय सेना में सेवा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि सैनिक कभी ‘पूर्व’ नहीं होता, उसका देशभक्ति का समर्पण जीवनभर कायम रहता है।
सैनिक कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन की घोषणा की। साथ ही हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कार्यालयों के लिए नए भवन और आवास निर्माण कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के परिजन को सरकारी नौकरियों में आवेदन करते समय आयु सीमा में दी जाने वाली छूट को दो साल से बढ़ाकर पाँच साल कर रही है।
सैनिक कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन की घोषणा की। साथ ही हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कार्यालयों के लिए नए भवन और आवास निर्माण कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के परिजन को सरकारी नौकरियों में आवेदन करते समय आयु सीमा में दी जाने वाली छूट को दो साल से बढ़ाकर पाँच साल कर रही है।
शहीदों और वीर नारियों के लिए सहायता बढ़ी
सम्मेलन के दौरान सीएम धामी ने समर्थन और सहायता राशि में कई महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। शहीद सैनिक के परिवार के लिए अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपए कर दी गई है। इसके साथ ही सैनिक की विधवा या अशक्त पूर्व सैनिक को आवासीय सहायता के रूप में दो लाख रुपए प्रदान किए जाएंगे। हल्द्वानी में पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए 150 क्षमता वाला हॉस्टल भी बनाया जाएगा।
वीरता पुरस्कारों की सम्मान राशि में बढ़ोतरी
सीएम धामी ने वीरता पुरस्कार पाने वाले सैनिकों की सम्मान राशि में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की।
1. परमवीर चक्र विजेता को अब राज्य सरकार द्वारा डेढ़ करोड़ रुपए मिलेंगे।
2. शौर्य चक्र की राशि 15 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए की गई।
3. सेना मेडल विजेता को 7 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए दिए जाएंगे।
4. मेंशन पुरस्कार की राशि 3.5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए होगी।
ये बढ़ोतरी सैनिकों के साहस और बलिदान को सच्चा सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
रक्षा क्षेत्र में भारत की प्रगति
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब रक्षा सामग्री का आयात करने वाला देश नहीं, बल्कि निर्यातक देश बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। ब्रह्मोस और आकाश जैसी मिसाइल प्रणालियों ने भारत की सैन्य शक्ति को नए स्तर पर स्थापित किया है।
सम्मेलन ने बढ़ाया मनोबल
कार्यक्रम में वीर नारियों का सम्मान किया गया और सेना के बैंड द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति ने वातावरण को देशभक्ति से भर दिया। पूर्व सैनिकों ने कहा कि ऐसे आयोजन से मनोबल बढ़ता है, पुराने साथियों से मिलकर यादें ताज़ा होती हैं और नई पीढ़ी में देश सेवा की प्रेरणा जागृत होती है।