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Uttarakhand : सीएम धामी की पहल,देवभूमि परिवार योजना से पारदर्शी शासन की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की देवभूमि परिवार योजना से राज्य में पारदर्शी शासन और योजनाओं का समान वितरण सुनिश्चित होगा।

By: hindidesk  RNI News Network
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Uttarakhand : सीएम धामी की पहल,देवभूमि परिवार योजना से पारदर्शी शासन की दिशा में बड़ा कदम

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के विकास और जनकल्याण की दिशा में एक अहम पहल करते हुए देवभूमि परिवार योजना की शुरुआत की है। यह योजना न केवल पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करेगी, बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ाएगी।

एकीकृत पोर्टल से सभी योजनाओं की जानकारी

देवभूमि परिवार योजना के तहत राज्य सरकार ने एक ऐसा पोर्टल तैयार किया है, जिसमें सभी विभागों से जुड़ी वर्तमान और भावी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इससे सरकार को यह पता चल सकेगा कि राज्य के कौन से परिवार किन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं और कौन पात्र हैं। इससे योजनाओं में फर्जीवाड़े और डुप्लीकेसी की समस्या समाप्त होगी।

परिवार पहचान पत्र से मिलेगी विशिष्ट पहचान

इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को एक परिवार पहचान पत्र दिया जाएगा, जिसमें एक विशेष पहचान संख्या होगी। परिवार रजिस्टर में दर्ज सभी सदस्यों को यह पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहचान पत्र के माध्यम से सरकार आसानी से यह जानकारी प्राप्त कर सकेगी कि कोई परिवार किन योजनाओं का लाभ ले रहा है और उसने अब तक कितनी योजनाओं का फायदा उठाया है।

नियोजन विभाग को सौंपी गई जिम्मेदारी

देवभूमि परिवार योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी नियोजन विभाग को सौंपी गई है। विभाग ने राष्ट्रीय सूचना केंद्र (NIC) की सहायता से पोर्टल तैयार कर लिया है। साथ ही विभाग में एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया गया है, जिसमें योजनाकारों और विश्लेषकों को योजना के संचालन और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है।

योजना के प्रमुख लाभ

1. सरकार को राज्य में बेरोजगारों की सही संख्या की जानकारी मिलेगी।
2. आम नागरिक वेबसाइट पर यह देख सकेंगे कि वे किन योजनाओं के पात्र हैं और किन योजनाओं का लाभ पहले से ले रहे हैं।
3. प्रमाणित आंकड़े उपलब्ध होने से यह डेटा जनगणना, निर्वाचन, सहकारिता, कृषि और उद्योग जैसे कार्यों में भी उपयोगी साबित होगा।
4. योजनाओं की सही निगरानी और उपलब्ध डेटा के कारण आगे सर्वे कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

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