प्रदेश में 22 हजार उपनल कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास जैसी आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कैबिनेट बैठक में आ सकता है नियमितीकरण प्रस्ताव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज होने वाली कैबिनेट बैठक में उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण पर अहम फैसला लिया जा सकता है। सरकार कोई नया फार्मूला तय कर सकती है, हालांकि आरक्षण का पेच इसमें अड़चन बना हुआ है।
कर्मचारियों ने मांगा लिखित आश्वासन
संयुक्त मोर्चा के संयोजक विनोद गोदियाल ने कहा कि 2018 में हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद न तो नियमितीकरण हुआ, न समान वेतन मिला। गृह सचिव शैलेश बगौली के साथ हुई वार्ता निष्फल रही। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक लिखित आदेश नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।