उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर देहरादून स्थित एफआरआई परिसर में आयोजित रजत जयंती उत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की विकास यात्रा की उपलब्धियों को गिनाया और भविष्य के लिए नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की असली पहचान इसकी आध्यात्मिक शक्ति है, और यदि राज्य ठान ले तो वह आने वाले वर्षों में विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित हो सकता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 8260 करोड़ रुपये की 31 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
राज्य की उपलब्धियों पर गर्व और नई सोच का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 25 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के नेतृत्व में जो सपने देखे गए थे, वे साकार हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि जब राज्य बना था, तब संसाधन सीमित थे, लेकिन आज उत्तराखंड आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्होंने राज्य को अगले 25 वर्षों का नया रोडमैप तय करने का आह्वान करते हुए कहा कि “जहां चाह, वहां राह” के मंत्र के साथ राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना होगा।
पर्यटन, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड फिल्म और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य को “वेड इन इंडिया” मुहिम से जोड़ते हुए भव्य विवाह स्थलों का विकास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” के माध्यम से उत्तराखंड के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। बेडू फल और बद्री गाय के घी को जीआई टैग मिलने से राज्य को नई पहचान मिली है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” जैसे ब्रांड से स्थानीय उत्पादों को मंच मिल रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है।
संस्कृति से पर्यटन जोड़ने का मंत्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेलों और त्योहारों में राज्य की आत्मा बसती है। उन्होंने “एक जिला, एक मेला” अभियान की बात करते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड की संस्कृति को विश्व पटल पर लाया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में योग, आयुर्वेद, नेचुरोपैथी और होमस्टे मॉडल को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब पर्यटक यहां की पारंपरिक व्यंजन जैसे चुटकानी, रोट, अरसा और झंगोरा की खीर का स्वाद लेंगे, तो वे बार-बार उत्तराखंड आना चाहेंगे।
ईको और एडवेंचर टूरिज्म से बढ़ेगी आर्थिकी
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ईको और एडवेंचर टूरिज्म राज्य को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों पहले तक आदि कैलाश में सालाना 2000 पर्यटक आते थे, जो अब 30,000 से अधिक हो गए हैं। इसी तरह केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी 17 लाख तक पहुंच चुकी है। इससे राज्य की आर्थिकी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
डबल इंजन सरकार से नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रही है। जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब उत्तराखंड किस शिखर पर होगा, यह आज तय करना होगा। उन्होंने कहा कि इंतजार करने की बजाय राज्य को अपने संकल्पों पर तुरंत अमल करना चाहिए, और केंद्र सरकार इस यात्रा में सदैव उत्तराखंड के साथ खड़ी है।