उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य स्थापना दिवस पर आगमन ने शीतकालीन यात्रा को नया प्रोत्साहन देने की उम्मीद जगा दी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर की प्रतिमूर्ति भेंट की। यह वही मंदिर है जहां शीतकाल में भगवान केदारनाथ और मदमहेश्वर की गद्दियां विराजमान होती हैं। इस भेंट को स्थानीय लोगों ने शुभ संकेत के रूप में देखा है, क्योंकि इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलने की संभावना प्रबल हुई है।
पंचकेदार में ओंकारेश्वर मंदिर का महत्व
ओंकारेश्वर मंदिर पंचकेदारों में विशेष स्थान रखता है। जब शीतकाल में केदारनाथ और मदमहेश्वर धाम के कपाट बंद हो जाते हैं, तब भक्तों को उन्हीं के दर्शनों का पुण्य लाभ ओंकारेश्वर मंदिर में मिलता है। केदारनाथ धाम के वरिष्ठ पुजारी शिव शंकर लिंग के अनुसार, यहां के दर्शन वही फल प्रदान करते हैं जो मुख्य धामों में मिलते हैं। इस वर्ष 21 नवंबर को भगवान केदारनाथ और मदमहेश्वर की डोलियां ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होंगी, जिससे शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ होगा।
स्थानीय लोगों में उत्साह और रोजगार की उम्मीद
मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में ओंकारेश्वर मंदिर में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा की थी। अब प्रधानमंत्री को मंदिर की प्रतिमूर्ति भेंट किए जाने के बाद क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह सन्देश शीतकालीन यात्रा के लिए प्रेरक सिद्ध होगा, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।