प्रदेशभर में हिमालय दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। देहरादून में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की और हिमालय संरक्षण को लेकर सभी नागरिकों से जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिमालय केवल एक पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पर्यावरण और जीवन का आधार है।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में बताया कि अब हर साल 2 सितंबर को बुग्याल दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय हमारे पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति का महत्व समझाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विज्ञान दिवस से लेकर हिमालय दिवस तक हर अवसर हमें पानी, जंगल, मिट्टी और पहाड़ों के महत्व को समझने का अवसर देता है। हिमालय की सुरक्षा ही जलवायु संतुलन, नदियों के संरक्षण और जीवन की निरंतरता के लिए आवश्यक है।
उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वनों की कटाई रोकें, जल स्रोतों को सुरक्षित रखें और पर्वतीय पर्यावरण की रक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। हिमालय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री का यह संदेश जनमानस को प्रकृति संरक्षण की ओर प्रेरित करता है।