उत्तराखंड में UKSSSC ग्रेजुएशन लेवल परीक्षा के पेपर लीक मामले ने छात्रों और युवाओं के बीच भारी चर्चा पैदा कर दी है। कई जिलों में सैकड़ों युवा प्रदर्शन कर रहे हैं और CBI जांच तथा परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले पर SIT गठित कर दी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग छात्रों के नाम पर सरकार को निशाना बना रहे हैं और मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं।
सीएम धामी ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट जज की निगरानी में SIT गठित कर दी गई है, जो पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सरकार छात्रों के हित में उचित निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपने आंदोलन के असली कारण और उसे चला रहे लोगों की पहचान करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह समझना होगा कि किन लोगों के निजी हितों के कारण उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है और किस तरह से इस मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है।
सीएम धामी ने यह भी दोहराया कि उत्तराखंड सरकार पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह के अनुचित कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों और युवाओं को संयमित तरीके से मामले की निगरानी करनी चाहिए और SIT की जांच के परिणामों का इंतजार करना चाहिए। यह कदम राज्य सरकार की जिम्मेदारी और युवाओं के हित की रक्षा का प्रतीक माना जा रहा है।