कांग्रेस ने एक बार फिर जीएसटी स्लैब में बदलाव को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। मंगलौर से कांग्रेस विधायक एवं एआईसीसी सचिव काज़ी निजामुद्दीन ने प्रेस वार्ता कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से यह वादा किया था कि दीपावली से पहले जीएसटी स्लैब को कम किया जाएगा, लेकिन आज तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 8-9 सालों में केंद्र सरकार ने जीएसटी के माध्यम से जनता की जेब पर डाका डालने का काम किया है।
कांग्रेस नेता ने हीरे पर मात्र 0.25% जीएसटी लगाए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रोजमर्रा की चीजों पर जनता को ज्यादा टैक्स देना पड़ता है, जबकि विलासिता की वस्तुओं पर सरकार राहत दे रही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्यों की वित्तीय स्थिति पर भारी असर पड़ा है और प्रदेश घाटे में डूब गया है।
काज़ी निजामुद्दीन ने सवाल किया कि जब उपभोक्ता रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स भर रहा है तो यह कैसे सुनिश्चित होगा कि स्लैब कम होने का फायदा वास्तव में उपभोक्ता तक पहुंचे। उन्होंने राज्य सरकार से भी जवाब मांगा कि उत्तराखंड आज कितने घाटे में है, जबकि 57% राजस्व केवल कमिटेड खर्चों में ही चला जाता है।