उत्तराखंड कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जो राज्य के प्रशासनिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में बड़े बदलाव लेकर आएंगे। सबसे पहले, अग्निवीर सेवा पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों में 10% क्षैतिज आरक्षण देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही आयु में भी छूट दी जाएगी, जिससे युवा सैनिकों के लिए नौकरी के अवसर और सुलभ होंगे। राज्य में धर्मांतरण कानून को और अधिक सख्त बनाया गया है, जिससे धर्मांतरण को नियंत्रित और पारदर्शी बनाने का प्रयास होगा।
वनीकरण निधि प्रबंधन और प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट की कैबिनेट ने संस्तुति दी। इसके अलावा, उत्तराखंड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम (UPDCC) का ढांचा पुनर्गठित किया गया है, जिसमें कुल 95 नए पद सृजित किए गए हैं। ये पद सिंचाई विभाग से डेप्युटेशन पर होंगे और राज्य की परियोजना कार्यकुशलता को बढ़ाएंगे। सहकारिता विभाग में उत्तराखंड सहकारी संस्थागत सेवा मंडल का गठन किया गया है, जिसके तहत सहकारी बैंकिंग सेक्टर से संबंधित भर्ती अब आईबीपीएस के माध्यम से की जाएगी।
सिडकुल के निर्माण कार्यों के 5% हिस्से को राज्य के लोगों को आरक्षित किया गया है, जिसका लाभ उत्तराखंड मूल के औद्योगिक संस्थानों के अभ्यर्थियों को मिलेगा। लखवाड़ परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि का सर्कल रेट नैनबाग के आधार पर निर्धारित होगा।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की नियमावली को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की नवाचार (STI) नीति 2025 को भी हरी झंडी दी गई है। यह नीति राज्य में विज्ञान, तकनीकी नवाचार और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देगी, जिससे उद्योग और नागरिक सेवाओं में सुधार होगा।