शामली। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के पदाधिकारियों और किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। शनिवार को दिए गए ज्ञापन में किसानों ने कुल नौ सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान किसानों ने हाथों में गन्ना लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
पुराने आश्वासनों पर अमल नहीं होने से नाराज किसान
किसानों ने कहा कि अपनी समस्याओं को लेकर वे पहले भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक ठोस समाधान के बजाय आश्वासन ही मिले हैं। किसानों ने गन्ने का उचित मूल्य बढ़ाने और चीनी के बढ़ते दामों से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी नाराजगी जताई।
गन्ना भुगतान और चीनी के दाम का मुद्दा उठाया
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की कि गन्ने का रुका हुआ भुगतान जल्द दिलाया जाए। इसके साथ ही चीनी का मूल्य 31 रुपये प्रति किलोग्राम किए जाने की मांग भी रखी गई। किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत बढ़ने के बीच उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिलना जरूरी है।
मुड़िया अहमदनगर मार्ग की बदहाली का मुद्दा
किसानों ने मुड़िया अहमदनगर से संबंधित समस्या को भी ज्ञापन में शामिल किया। उनका कहना है कि खराब रास्ते के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने मार्ग की स्थिति सुधारने की मांग की।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भी जताई आपत्ति
किसानों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़े मुद्दे पर भी अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने मांग की कि ऐसी किसी भी व्यवस्था को किसानों के हितों के खिलाफ लागू नहीं किया जाना चाहिए। किसानों ने कृषि क्षेत्र और उनकी आजीविका पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगी। किसानों ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने की स्थिति में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
रिपोर्ट – राहुल गुप्ता