देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में आपदा के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। खेरीमानसिंह इलाके में सौंग नदी की धारा को मोड़कर एक रिजॉर्ट का निर्माण किया जा रहा था, लेकिन प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। अब जब भारी बारिश से सौंग नदी उफान पर आई और 150 मीटर लंबी सड़क पानी में बह गई, तब प्रशासन की नींद टूटी।
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने नुकसान का आकलन करीब छह करोड़ रुपये किया है। जांच के दौरान पाया गया कि जिस जगह से सड़क बह गई, उसके पास ही स्पर्श फार्म एंड रिजॉर्ट का निर्माण किया गया था। आरोप है कि रिजॉर्ट संचालक ने अपने अप्रोच रोड को सुरक्षित रखने के लिए नदी की धारा को ही मोड़ दिया था। परिणामस्वरूप, नदी का तेज बहाव सीधे सड़क से टकराया और उसे बहा ले गया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और जिम्मेदार विभागों से जवाब तलब किया है। डीएम आपदा प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा कर रहे हैं और राहत-बचाव कार्यों के साथ-साथ सरकारी संपत्तियों के पुनर्निर्माण की निगरानी कर रहे हैं।
इस पूरे प्रकरण ने विभागीय सुस्ती और लापरवाही को उजागर कर दिया है। सवाल यह है कि रिजॉर्ट रातों-रात तो नहीं बना। यदि इसके लिए अनुमति ली गई थी तो संबंधित विभाग ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? और अगर निरीक्षण हुआ तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यदि अनुमति ही नहीं ली गई थी, तो निर्माण को रोकने के लिए प्रशासन ने कोई कदम क्यों नहीं उठाया?