मसूरी में आने वाले समय में ट्रैफिक जाम की समस्या से जल्द ही राहत मिलने वाली है। उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने मसूरी में रोपवे नेटवर्क बनाने की योजना तैयार की है। इसको लेकर नगर पालिका परिषद के सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें रोपवे के प्रस्तावित रूट, पर्यावरणीय प्रभाव और स्थानीय लोगों की राय पर चर्चा की गई।
बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी भी मौजूद रहीं। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि रोपवे शुरू करने से पहले सभी जरूरी विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए जाएं और जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना पूरी तैयारी के उद्घाटन करने से बाद में समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने परियोजना का समर्थन करते हुए कहा कि मसूरी में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या बहुत बड़ी है, ऐसे में रोपवे एक प्रभावी समाधान साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना में स्थानीय लोगों की सहमति और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
प्रस्तावित रोपवे रूट:
• मल्टीलेवल पार्किंग से चिक चॉकलेट – 230 मीटर
• लाइब्रेरी चौक से लाल टिब्बा – 2.83 किलोमीटर
• कैमल्स बैक रोड से केम्पटी फॉल – 4.67 किलोमीटर
• लाइब्रेरी से जॉर्ज एवरेस्ट हाउस – 3.71 किलोमीटर
• जॉर्ज एवरेस्ट हाउस से भद्रराज मंदिर (भविष्य की योजना) – 7.44 किलोमीटर
उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक ब्रिजेश मिश्रा ने बताया कि रोपवे से पर्यटकों को आसान, सुरक्षित और हरित (पर्यावरण के अनुकूल) यात्रा मिलेगी। इससे मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता भी बनी रहेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) का मॉडल राज्य बनाना है। इसके लिए परियोजना की रिपोर्ट तैयार करने हेतु तकनीकी सलाहकारों की नियुक्ति की जा रही है।इस पहल से मसूरी में पर्यटन और ट्रैफिक दोनों में सुधार की उम्मीद है, साथ ही यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।