अक्टूबर से उत्तराखंड में सभी के साथ राज्य के कानून के तहत समान व्यवहार किया जाएगा। अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ समाप्त करके मुख्य तौर पर शादी, तलाक, लिव इन रिलेशनशिप और वसीयत के नियम सभी के लिए एक जैसे होंगे। इसके लाभ जिस पोर्टल के जरिए आम लोगों को मिलेंगे, उस पोर्टल को यूजर फ्रेंडली बनाने का तकनीकी काम लगभग 90 फीसदी पूरा हो चुका है।