पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में बैंक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। प्रदर्शन का मुख्य फोकस सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग (5-Days Banking) और निचले स्तर के कर्मचारियों को भी परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) का लाभ दिलाना रहा।
काम और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन के लिए 5-डे बैंकिंग की मांग
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) मुगलसराय मुख्य शाखा की कर्मचारी अवंतिका जोशी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बैंक कर्मी लंबे समय से फाइव-डे बैंकिंग लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। सप्ताह में पांच दिन कार्य व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को अपने काम और व्यक्तिगत जीवन के बीच बेहतर संतुलन (Work-Life Balance) बनाने में बहुत मदद मिलेगी।
कर्मचारियों पर लगातार बढ़ रहा कार्यभार और मानसिक दबाव
अवंतिका जोशी ने बैंक सेक्टर के भीतर बढ़ते वर्कलोड पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बैंक कर्मचारियों पर काम का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। विशेषकर फ्रंट-फेसिंग कर्मचारी सीधे तौर पर ग्राहकों के संपर्क में रहते हैं। उन्हें एक तरफ जहां ग्राहकों की रोजमर्रा की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित समाधान करना होता है, वहीं दूसरी तरफ हेड ऑफिस द्वारा तय किए गए कठिन लक्ष्यों (Targets) को भी पूरा करना पड़ता है।
निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए भी PLI की मांग
मांगों के सिलसिले में आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि बैंक के निचले स्तर के कर्मचारी भी संस्थान की रीढ़ हैं और कामकाज में अहम भूमिका निभाते हैं। अत्यधिक कार्यभार और मेहनत के बावजूद उन्हें उच्च स्तर के अधिकारियों जैसी सुविधाएं और अधिकार नहीं मिलते हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि वर्तमान में स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को जो परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) दिया जाता है, वही लाभ निचले पायदान के कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए। यदि सभी कैडर के लिए यह समान व्यवस्था लागू नहीं की जा सकती, तो किसी भी अधिकारी को यह इंसेंटिव नहीं दिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के अंत में बैंक कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी इन जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करने के लिए बाध्य होंगे।