उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समग्र विकास को गति देने के लिए 986 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं में चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल समेत कई जिलों में निर्माण कार्य शामिल हैं, जिनका उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और जनसुविधाओं का विस्तार करना है।
मुख्यमंत्री ने पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर पंचायतों और शहरी निकायों के लिए भी बड़ी धनराशि जारी करने की स्वीकृति दी। जिला पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय किस्त के रूप में 83.25 करोड़ रुपये, क्षेत्र पंचायतों को द्वितीय छमाही के लिए 78 करोड़ रुपये और ग्राम पंचायतों को द्वितीय छमाही किस्त के रूप में 200 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही शहरी स्थानीय निकायों को 333 करोड़ रुपये और तीन गैर-निर्वाचित निकायों को 3 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
राज्य योजना के अंतर्गत देहरादून के मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अनारवाला-मालसी मोटर मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के बाद निर्माण कार्य के लिए 3.19 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली। शहरी विकास विभाग की मिसिंग लिंक परियोजना में बागेश्वर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में सरयू नदी पर स्थित 113 वर्ष पुराने पैदल झूला पुल के जीर्णोद्धार और देहरादून के काठ बंगला हाउसिंग सोसाइटी में विद्युत व पेयजल लाइन बिछाने के लिए 4.16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
इसके अलावा, ऊधम सिंह नगर के सितारगंज विधानसभा क्षेत्र में सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य, पौड़ी गढ़वाल के ग्राम ग्रास्टनगंज में बाढ़ सुरक्षा कार्य, विकासनगर में नवाबगढ़ पुल से खादर तक सड़क निर्माण, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय चंपावत परिसर में केंद्रीय पुस्तकालय, चाहरदीवारी और मिनी स्टेडियम के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग की विभिन्न परियोजनाओं, उत्तराखंड ट्रांसमिशन स्ट्रेन्थनिंग एंड डिस्ट्रिब्यूशन इंप्रूवमेंट प्रोग्राम, एडीबी योजना तथा बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र में एंजेडी बूबू मंदिर स्थल के विकास कार्यों को भी हरी झंडी दी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये परियोजनाएं प्रदेश की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होंगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी।