सरकार ने उप्र गुंडा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक- 2021 को विधानमंडल के दोनों सदनों में बुधवार को वापस ले लिया। राज्यपाल ने विधेयक को पुनर्विचार के लिए सरकार को लौटाया था। प्रदेश में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने तथा उसके विस्तार के बाद गुंडा एक्ट में संशोधन किए गए थे।