देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद बड़ा बदलाव सामने आया है। चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साझा आंकड़ों के अनुसार 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की संयुक्त मतदाता सूची में करीब 6.08 करोड़ मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है। पहले जहां कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 51 करोड़ थी, वह अब घटकर 44.92 करोड़ रह गई है।
यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद सामने आया, जिसके साथ ही SIR का दूसरा चरण पूरा हो गया। इस चरण में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा जैसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल रहे। इससे पहले बिहार में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
अब अगले चरण में देश के शेष 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में यह अभियान लागू किया जाएगा, जिसमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना समेत कई राज्य शामिल हैं। इस चरण में करीब 40 करोड़ मतदाताओं को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है और यह प्रक्रिया आगामी विधानसभा चुनावों के बाद शुरू होने की संभावना है।
इस अभियान के दौरान कई बार शेड्यूल में बदलाव भी किए गए। कुछ राज्यों में इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आए हैं। बिहार के बाद तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
SIR अभियान को मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, हालांकि इससे जुड़े आंकड़ों ने राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है।