भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रचते हुए पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है। इस जीत में उत्तराखंड की बेटी स्नेह राणा का योगदान महत्वपूर्ण रहा। टीम की इस शानदार उपलब्धि के बाद स्नेह राणा पहली बार अपने घर देहरादून लौटीं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़ों और फूलों से उनका अभिनंदन किया गया।
देहरादून की सनौला निवासी स्नेह राणा ने एयरपोर्ट पर पहुंचकर कहा कि टीम इंडिया की इस जीत के पीछे सभी खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने बताया कि चोट के बावजूद उन्होंने अपने प्रदर्शन में कोई कमी नहीं आने दी और पूरी लगन से विश्व कप की तैयारी की थी। स्नेह के बड़े भाई कमल राणा और भाभी ऋचा राणा ने कहा कि स्नेह ने कठिन परिश्रम और हिम्मत से यह मुकाम हासिल किया है और पूरे प्रदेश को गर्व महसूस कराया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्नेह राणा को फोन पर बधाई दी और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार स्नेह राणा को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देगी। सीएम धामी ने कहा, “स्नेह राणा ने मेहनत, संकल्प और प्रतिभा से उत्तराखंड का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। उनकी सफलता राज्य की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा है।”
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से भी स्नेह राणा और उनकी टीम ने मुलाकात की, जहां नेताओं ने उनके हौसले और टीम भावना की प्रशंसा की। स्नेह राणा की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि उत्तराखंड की बेटियों की शक्ति और संकल्प का प्रतीक भी बन गई है।