नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी मंगलवार को बिहार के नए मुख्यमंत्री बने और अपना पद ग्रहण किया है. पटना के लोक भवन में आज 15 अप्रैल 2026 की सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया. शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन,भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, संगठन महामंत्री बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, आरएलएम अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा समेत भाजपा और एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे |
शपथ ग्रहण समारोह
बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने नए सफर की शुरुआत हनुमान जी के आशीर्वाद से की जहां उन्होंने पटना के राजवंशी नगर स्थित प्रसिद्ध पंचरुपी हनुमान मंदिर में मत्था टेका और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए थे. दर्शन के पश्चात वे सीधे शपथ ग्रहण समारोह के लिए निकले जहां उनके साथ सिर्फ दो नेतायों ने शपथ ली, राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सीएम सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी को सपथ दिलाई, नए मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि आज बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर सम्राट चौधरी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा और साथ ही कई लोगो ने सम्राट चौधरी को बधाईयां दी, बता दें कि वे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने हैं.
सम्राट चौधरी का कैरियर
अगर हम सम्राट चौधरी के कैरियर की बात करें तो उन्होंने राजनीति की शुरुआत सन 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद से सक्रिय नेता के रूप में की और फिर 1999 में लालू प्रसाद यादव के देख-रेख में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री भी बने, लेकिन कुछ विवादों के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. 2000 से 2010 की बात करें तो वे परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने गए. फिर बाद में उन्होंने पार्टी बदली और जनता दल व भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. अब उनकी मंत्री पद की बात करें तो वे 2014 में बिहार सरकार में शहरी विकास और आवास मंत्री बने और 2020 के बाद भाजपा में उन्होंने अहम भूमिका निभाई. उन्हें बिहार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और फिर 2024-2026 में बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में वे भाजपा के प्रमुख चेहरे बने. सम्राट चौधरी बिहार के कद्दावर नेता शकुनी चौधरी और पूर्व विधायक पार्वती देवी के बेटे हैं.
मुख्यमंत्री के रूप में चुनने का मुख्य कारण
पार्टी द्वारा सम्राट चौधरी को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया क्योंकि उसके पीछे का मुख्य कारण है उनकी मजबूत ओबीसी छवि, आक्रामक नेतृत्व शैली और उनमें बीजेपी को राज्य में मजबूत करने की क्षमता थी. बता दें कि,पार्टी ने नीतीश कुमार के विकल्प के रूप में एक “युवा और आक्रामक” चेहरे के तौर पर सम्राट चौधरी को देखा |